NGO Kya Hota He | और NGO कैसे काम करता है?

NGO अर्थात Non Government Organisation एक प्रकार “गैर सरकारी संस्था” होती है। एनजीओ एक ऐसा संगठन है जो सरकार या पारंपरिक लाभकारी व्यवसाय का हिस्सा नहीं है। यह संस्था बुजुर्गों, गरीबों और असहाय बच्चों और पर्यावरण से संबंधित समस्याओं की पूर्ति करती है। यदि आप एक एनजीओ हैं, और आप जानना चाहते हैं कि आपके लिए कौन-कौन से पद उपलब्ध हैं, तो पोस्ट को अंत तक पढ़ें।

देखा जाये तो हमारे देश में बहुत से ऐसे लोग हैं जो अत्याचार का शिकार होते हैं। कई बच्चे अपने माता-पिता के बिना पाले जाते हैं, तो कई लोग उन्हें जानबूझकर घर से बाहर निकाल देते हैं। तो दूसरी तरफ तलाक या विधवा होने के बाद, कई महिलाएं बलात्कार या एसिड अटैक जैसे जघन्य कृत्यों की चपेट में आ जाती हैं।

ऐसे पीड़ित लोगों की मदद के लिए NGO कार्यरत रहता हैं, इस संगठन की सबसे खास बात यह हैं की यह कोई भी काम निस्वार्थ भाव से करते  है। यह इसे अपने ग्राहकों और समुदाय के लिए लगन से और सेवा की भावना के साथ काम करने में मदद करता है। और साथ ही लोगों को अच्छा काम करने के लिए प्रोत्साहित भी करते हैं। 

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NGO Kaise Kam Karta Hai

NGO के द्वारा लोगों की मदद करके सामाजिक काम किया जाता है जिसमें कई तरह के काम किये जाते है जैसे- विधवा महिलाओ के लिए आवास, गरीब अनाथ बच्चों को पढाना, महिलाओ की सुरक्षा आदि। इस संगठन में सरकार की कोई भूमिका नही होती है। समाज का कल्याण करना NGO के उद्देश्य में मुख्य है। यह ऐसा संगठन है जिसे कोई भी व्यक्ति चला सकता है।

NGO में 7 या इससे ज्यादा व्यक्ति शामिल होते है। इसका मकसद लाभ प्राप्त करना नहीं होता है बल्कि इसे दुसरो का भला करने के लिए चलाया जाता है। किसी ऐसे व्यक्तियों का समूह जो सामाजिक कार्य या सामाजिक सुधार का काम करने की इच्छा रखते है तो वह Registered या बिना Register किये NGO द्वारा इन कार्य को कर सकता है।

परन्तु रजिस्टर्ड NGO होने पर यह फायदा मिलता है की आप सामाजिक कल्याण के लिए जो कार्य कर रहे है उसके लिए आप सरकार से आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकते है। यदि कोई समाज सेवक सामाजिक कल्याण का काम सरकार की सहायता के बिना करना चाहता है तो वह रजिस्टर्ड किए बिना एनजीओ भी चला सकता है।

भारत में लगभग 1 से 2 लाख तक NGO होने का अनुमान है। भारत के सभी NGO केंद्रीय सोसायटी अधिनियम के अंतर्गत आते है जबकि राजस्थान में राजस्थान सोसायटी अधिनियम बना है।

एक NGO इस तरह काम करता है और अपना एक समूह बनाकर लोगों की सहायता करता है।

गैर सरकारी संगठनों के माध्यम से लोगों की मदद करके सामाजिक कार्य किया जाता है जहां कई प्रकार के कार्य किए जाते हैं जैसे: इस संगठन में सरकार की कोई भूमिका नहीं होती है। एक एनजीओ का मुख्य लक्ष्य समाज के हितों की रक्षा करना है। यह एक ऐसा संगठन है जो इसे चलाने के इच्छुक किसी भी व्यक्ति के लिए खुला है।

एक एनजीओ में कम से कम सात लोग होने चाहिए। एक व्यवसाय का उद्देश्य पैसा कमाना नहीं है, बल्कि दूसरों के लिए अच्छा करना है। ऐसा व्यक्ति लोगों का एक समूह जो सामाजिक कार्य या समाज सुधार कार्य करना चाहता है और यह कार्य बिना एनजीओ पंजीकरण या पंजीकरण के कर सकता है।

एक पंजीकृत गैर-लाभकारी संगठन के रूप में, आप जनता को लाभ पहुंचाने वाले अपने काम के लिए सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं। यदि कोई सामाजिक कार्यकर्ता बिना सरकारी सहायता के समाज कल्याण के कार्य करना चाहता है तो वह बिना पंजीकरण के भी एक एनजीओ चला सकता है। भारत में अनुमानित 1 से 2 हजार एनजीओ हैं। भारत में सभी गैर सरकारी संगठनों को केंद्रीय सोसायटी अधिनियम का पालन करना चाहिए।

Ngo ka Kaam Kya Hota He 

जैसा कि आप जानते हैं, NGO एक गैर-सरकारी संगठन हैं और इन्हें एक व्यक्ति द्वारा नहीं चलाया जा सकता है। तो कई लोग आपस में मिलकर आगे दिए गए काम करते हैं जो समाज के जरूरत मंद लोगों के काम आये। 

  • NGO के लिए आपको कम से कम 7 लोगों की जरूरत होती है। एक NGO का मुख्य उद्देश्य अलग अलग  प्रकार की सामाजिक कार्य  को अंजाम देना होता है।
  • विधवा महिलाओं के लिए घर और अवसर प्रदान करना, सबसे गरीब और सबसे अनाथ बच्चों को शिक्षित करना और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना सभी जरूरतमंद लोगों की मदद करने के महत्वपूर्ण तरीके हैं।
  • समाज में कुछ बीमारियां किसी भी समाज में पाई जाती हैं, जिनमें कैंसर, कुपोषण और एड्स का मुख्य रूप से समावेश होता हैं।
  • आदिवासी समाज में इन बीमारियों को दूर करना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि इन्हें आमतौर पर पारंपरिक संस्कृति का हिस्सा नहीं माना जाता है।
  • कई गैर-लाभकारी संगठन हैं जो आर्थिक रूप से वंचित और अनाथ बच्चों के लाभ के लिए काम करते हैं। इन जैसे बच्चों को शिक्षा प्रदान करना एक नेक प्रयास है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को खाना और पोस्ट फूड मुहैया कराने के लिए स्कूल ने एक कैटरिंग कंपनी हायर की है। उन छात्रों के लिए किताबें उपलब्ध कराना जो अपनी खुद की किताबें खरीदने का खर्च नहीं उठा सकते हैं
  • महिलाओं के लिए आवास उपलब्ध कराने के कई तरीके हैं, जिनमें से कुछ अन्य की तुलना में अधिक प्रभावी हैं। विचाराधीन महिलाओं के लिए उनकी आवश्यकताओं और वरीयताओं के आधार पर सबसे अच्छा विकल्प चुनना महत्वपूर्ण है।
  • महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सहयोग करते समय हमेशा अपने कार्यों के प्रति सचेत रहें। ऐसे कई तरीके हैं जिनसे आदिवासी समाज और पिछड़े माने जाने वाली जातियों की मदद की जा सकती है।
  • बुजुर्गों की मदद करने के लिए कई चीजें की जा सकती हैं, जिसमें उन्हें आवश्यक सेवाएं और सहायता प्रदान करना शामिल है। जरूरतमंद लोगों को उनकी जरूरत के हिसाब से सामान देना।

ऐसे समाज के हित में कई काम NGO करता हैं। 

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NGO Kaise Banaye

अगर आपको NGO अर्थात गैर सरकारी संगठन बनाना हैं तो आगे दिए गए पॉइंट्स ध्यान रखने हैं। जिससे आपको NGO बनाने में आसानी होगी। 

एनजीओ चलाने के लिए समय, संसाधनों और व्यक्तियों की एक टीम की आवश्यकता होती है। एनजीओ एक प्रकार का गैर-लाभकारी संगठन है जो किसी दिए गए क्षेत्र में लोगों के लिए जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद कर सकता है।

एनजीओ बनाने और चलाने की इच्छा रखने वाले लोगों के संस्थापक और समूह के पास अपने संगठन को सफल बनाने के लिए एक मजबूत दृष्टि और समर्पण होना आवश्यक हैं।  अगर एनजीओ के बारे में कोई चिंता है, तो आपको अपने समूह के साथ उस परेशानी को शेयर कर उसपर हल ढूंढना होगा। समाज के लाभ के लिए वांछित सेवाएं प्रदान करने के लिए, काम को सही तरीके से शुरू और व्यवस्थित किया जाना चाहिए, प्रबंधन और रणनीतिक योजना के साथ जो वांछित परिणाम की ओर ले जाए।

NGO Ke Liye Documents

NGO रजिस्ट्रेशन करने के लिए आपके पास एक गवाह के रूप में व्यक्ति और कुछ जमीन ट्रस्ट के लिए चाहिए होगी।

 इसके बाद आपका प्रस्ताव को स्वीकार किये जाने पर आपको रजिस्ट्रार के ऑफिस में उपस्थित होना होगा। और वहां पर आपको रजिस्ट्रेशन के लिए प्रार्थना पत्र देने होंगे। 

NGO Kaise Register Kare

एनजीओ रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया एनजीओ बनाने के लिए उद्देश्यों, रजिस्ट्रेशन के क्षेत्रों, व्यक्तियों और उद्देश्यों के अनुसार अलग हो सकती है, क्योंकि कुछ और विभिन्न क्षेत्रों में गैर- सरकारी संगठन के प्रकार और प्रक्रियाएं अलग और निर्धारित होती हैं. विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार, इन बिंदुओं पर विचार करने के बाद, यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन सा मार्गदर्शन उचित है। हां, किसी की सोच को बदलना संभव है।

Ngo Me Paisa Kaha Se Ata He

अधिकांश गैर सरकारी संगठन शिक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य आदि जैसे विभिन्न सरकारी विभागों से संबद्ध हैं। केंद्र और राज्य सरकार के संस्थान अपना काम करने के लिए अनुदान पर निर्भर हैं।

संचार के माध्यम से अनुदान प्राप्त होते हैं। सरकार जमीनी स्तर तक ठीक से काम नहीं कर पाती है, यही वजह है कि गैर सरकारी संगठनों को सरकारी काम करने का काम मिलता है। कुछ गैर सरकारी संगठन केंद्र और राज्य सरकारों से मिलने वाले अनुदान का दुरुपयोग करते हैं।

ऐसे संगठन हैं जो सरकार के गलत कार्यों को ध्यान में रखते हुए समाज को सशक्त बनाने का काम करते हैं। वास्तव में लाभकारी सामाजिक कार्य करने वाले संगठनों की सहायता के लिए एक राष्ट्रीय समाज सेवा सहायता कोष भी है। इस फंड को स्थापित करने की जरूरत है।

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FAQs

1. NGO में कौन कौन से पद होते है?

NGO में मूल रूप से तीन पद होते हैं. 

जिनमे अध्यक्ष, उपाध्यक्ष ,सचिव,सलाहकार,कार्यकरता जैसे पद होते है.

2. भारत में कितने NGO है?

भारत में कुल 31 लाख NGO कार्यरत हैं। 

3. अपना NGO कैसे शुरू करें?

अपना NGO शुरू करने के लिए आपको समाज और लोगों के बीच समस्याओं से पहचान करना आवश्यक हैं। 

इसके बाद आपको संचालक मंडल का निर्माण करना हैं।  उसके बाद आपको एनजीओ शुरू करने के लिए लगने वाले जरुरी कागजाद बनाने होंगे।

अब आपको एनजीओ रजिस्ट्रेशन करना हैं। और अब एनजीओ का पैन कार्ड बनाकर बैंक अकाउंट खोले। 

4. NGO के फायदे?

  • NGO मूल रूप से समाज को कई फायदे होते हैं.
  • जैसे गरीब और अनाथ बच्चों को शिक्षा देना।
  • School में बच्चों को प्रोटीन युक्त भोजन दिलवाना।
  • बच्चों के लिए Books उपलब्ध करवाना।
  • गरीब और विधवा महिलाओं को आवास देना।
  • जल संवर्धन के कार्य करना।
  • अनुसूचित जमाती की समस्याए हल करना।
  • समाज में सांसर्गीक बीमारी से झुझ रहे लोगों की मदद करना।
  • बुजुर्ग लोगों की सहायता करना।

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