पीरियड याने मासिक धर्म जो की माहवारी के नाम से भी जाना जाता हैं यह आमतौर पर औरतों में दिखने वाले लक्षण हैं। मूल रूप से मासिक धर्म महिलाओ में होने वाले natural चेंजस हैं जिससे उन्हें महिने में कुछ दिन रक्त स्त्राव होता हैं।
यह महिलाओ में होने वाली एक सामान्य प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है जिसमें उनके यूटेरस के अंदर से रक्त और ऊतक, वजाइना के द्वारा बाहर निकल जाते हैं। यह प्रकिया मूल रूप से पर महीने में एक बार होती हैं।
लड़कियों को पीरियड की शुर होने का मतलब है कि उनका शरीर अपने आप को संभावित गर्भावस्था (प्रेगनेंसी) के लिए ट्रेन हो रहा है। जब भी स्त्राव होता हैं उसमें एस्ट्रोजन, और प्रोजेस्ट्रोन जैसे हॉर्मोन अंडाशय (ओवरी) से निकलते हैं। ये फ़ीमेल सेक्स हॉर्मोन हैं जो यूटेरिन लाइनिंग या एंडोमेट्रियम का बनना शुरू करते हैं जोकि एक फर्टिलाइज़्ड एग को पोषित करते हैं।
इस प्रक्रिया को Crying of uterus भी कहा जाता हैं। इसका मतलब हैं की Uterus रोता हैं की उसका egg waste गया। Menstruation स्त्रियों के शरीर में होने वाले महत्वपूर्ण बदलाव में से एक हैं। जो आम भाषा में लड़की सयानी हो गईं के नाम से जाने जाते हैं। जो साइंटिफिक भाषा में Puberty के नाम से जानी जाती हैं।
ज़्यादातर लड़कियों में प्यूबर्टी के दौरान ही मेंस्ट्रुएशन (माहवारी) शुरू हो जाता है, यह एक ऐसी अवस्था है जिसमें बच्चों में कई तरह के शारीरिक और भावनात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं और वो बच्चे से बदलकर एक वयस्क बन जाते हैं।
11 वर्ष से 15 वर्ष की उम्र के बीच मेंस्ट्रुएशन होना बिलकुल सामान्य बात है, क्योंकि हर शरीर का काम करने का अपना तरीका होता है। हमने एक गाइड बनाई है जो आपके शरीर में होने वाले इन बदलावों को समझने में मदद करेगी।
ऑक्सीजन के बिना, आपके गर्भ के ऊतक दर्द पैदा करने वाले रसायन छोड़ते हैं । जब आपका शरीर दर्द पैदा करने वाले इन रसायनों को छोड़ रहा है, तो यह प्रोस्टाग्लैंडीन नामक अन्य रसायनों का भी उत्पादन कर रहा है। ये गर्भ की मांसपेशियों को अधिक सिकुड़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, जिससे दर्द का स्तर और बढ़ जाता है।
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पीरियड साइकिल क्या है?
मेंस्ट्रएशन के दौरान हॉर्मोन ऑव्युलेशन के दौरान किसी एक ओवरी में से एग निकालने की प्रक्रिया को भी शुरू करते हैं। यह एग फेलोपियन ट्यूब से होकर गुजरता है और यूटेरिन लाइनिंग से जुड़ जाता है – जिसे फ़र्टिलाइज़ेशन के लिए तैयार है। आपकी यूटेरिन लाइनिंग 28 दिनों में मोटी हो जाती है और आपके पीरियड शरू होने पर टूटने लगती है। आपके पीरियड का पहला दिन आपकी मेंस्ट्रुअल साइकिल का पहला दिन होता है।
यह लाइनिंग बनने, टूटने, और निकलने में करीब 28 दिन लेती है। ज़्यादातर महिलाओं में पीरियड साइकिल 21 से 35 दिनों के बीच में कभी भी हो सकते हैं। यह normal period माना जाता है।
साधारण रूप से एक पीरियड का टाइम period 2 से 7 दिनों तक का हो सकता हैं। और इस समय के दौरान यूटेरिन लाइनिंग टूटटी है और वजाइना से बाहर निकल जाती है। जैसे ही आपका पीरियड ख़त्म होता है यूटेरिन लाइनिंग फिर से मोटी हो जाती है – और फिर से process रिपीट होता हैं।
चौदवे दिन के करीब, ओवरी एग Exert करना शुरू करते हैं। इस प्रक्रिया को ओव्यूलेशन कहा जाता हैं। इस दौरान यह एग यूटेरस में जाकर यूटेरिन लाइनिंग से जुड़ जाता है।अगर इस पीरियड के दौरान, एग फर्टिलाइज़्ड नहीं होता है, तो यूटेरस की लाइनिंग टूट जाती है और बाहर निकलने लगती है और फिर से पीरियड आ जाता है। इसे Crying of Uterus कहा जाता हैं।
पीरियड के समय होने वाले दर्द को कैसे कम करें?
पीरियड के मुश्किल दिनों में महिलाओं को असीमित दर्द होता हैं। और इस दर्द से को कम करने के सरल उपाय यहाँ उपलब्ध हैं।
पीरियडस के दौरान रक्तस्त्राव ही नहीं महिलाओं को गैस की समस्या भी हो सकती हैं इसमें अजवाइन कारगर साबित होता हैं। अगर आपको अजवाइन खाने में तकलीफ हो to आप अदरक का सेवन भी कर सकते है।
आप गुणकारी तुलसी का इस्तेमाल कर सकते हैं। ज्यादा सें ज्यादा दूध वाली चीज़ों का सेवन करने से शरीर में होने वाली कमजोरी दूर होती हैं। पेट दर्द या कमर दर्द के लिए आप गर्म पानी का सेंक सकते हैं या गरम पानी सें नहाना अच्छा उपाय साबित होता हैं।
आपको ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं पानी पीने से जिससे आपका शरीर हाइड्रेटेड रहे।
दर्द के कारण खाने की तरफ अक्सर नजर अंदाजी हो जाती हैं तो ऐसा ना करके आपको हरी सब्जियां खानी हैं ताकि स्त्राव के कारण जो खून की कमी हो चुकी हैं वह बढ़ ने में मदद मिलेगी. और शरीर में आई सुस्ती भी दूर होगी।
आपको मैग्नीशियम से भरपूर चीजों का सेवन करना चाहिए इसलिए एवोकाडो और कद्दू के बीज का सेवन करना काफ़ी बेहतर होता हैं।
आपको अपने पीरियड के शुरुआती कुछ दिनों में दर्द महसूस हो सकता है। इसमें पीरियड के दिनों में कमर दर्द के साथ-साथ आपको पेट के नीचले हिस्से में दर्द या हल्का पेट दर्द हो सकता है।वैसे तो पीरियड के दौरान दर्द एक आम बात है, लेकिन अगर यह दर्द असहनीय हो जाए और आपके रोजमर्रा के जीवन पर असर डालने लगे तो अच्छा यही होगा कि दर्द का सही कारण जानने के लिए आप अपने डॉक्टर से सलाह लें.
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पीरियड के वक़्त काम आने वाले अलग-अलग प्रोडक्ट कौन से हैं?
पीरियडस के दौरान पहले महिलाये कॉटन के कपड़े का इस्तेमाल करती थी मगर अभी अवेयरनेस के कारण सैनिटरी पैड का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया हैं। मगर इसमें भी अभी बाकि प्रोडक्ट का लॉन्च हुआ हैं। लेकिन इससे दाग-धब्बों का डर होता ही हैं और इसे रोकने और संक्रमण से बचने के लिए सैनिटरी पैड के अलावा मेंस्ट्रुअल कप और टैम्पोन का भी इस्तेमाल किया जाता है।
मेरा पीरियड आने वाला है, इसके क्या-क्या संकेत हैं?
अक्सर लोगों को यह सवाल होता हैं की पीरियड आने के main संकेत क्या होते हैं। तो इसका सीधा जवाब हैं की
पीरियड आने से पहले कुछ लक्षणों का अहसास करा महिलाये करती हैं जैसे की हाथ और पैरों में दर्द होना, पेट के निचले भाग में हल्का सा दर्द होना, उलटी आना, थोड़ा काम करने बाद जल्दी थकना, अस्वस्थता यह लक्षण दिखाई दें तो समझ लीजिये आपके पीरियडस आने वाले हैं।
साथ ही चिड़चिड़ापन महसूस होना , बार-बार पेशाब की इच्छा होना , सिर व पेट में दर्द, कब्ज, स्तनों में तनाव और कभी –कभी पैरों में सुजन आना, यह सभी लक्षण शरीर में हार्मोन्स के बदलाव के कारण होते हैं जो पीरियडस के हिसाब से आम बात हैं।
पीरियड्स में क्या नहीं करना चाहिए ?
दोस्तों, लोग अक्सर क्या क्या करना चाहिए के चक्कर में क्या नहीं करना चाहिए इसको लगभग भूल ही जाते हैं। तो हम बता दें की आपको निचे दी गईं चीजे बिलकुल नहीं करनी हैं।
अगर आपके पीरियडस चल रहे हैं तो आपको प्रोटेक्टेड सेक्स नहीं करना चाहिए। आपको जंक फूड और बाहर का खाना खाने से परहेज रखना हैं। कॉफी और चाय जैसे पेय का सेवन नहीं करना चाहिए।
ज्यादा मात्रा में हीटिंग पैड का इस्तेमाल ना करें। पीरियडस के दौरान शराब का सेवन करना आपके शरीर पे बुरा असर हो सकता हैं।
पीरियड्स कितने दिन के बाद होते हैं ?
अक्सर लोगों का यह सवाल होता है कि पीरियड कितने दिन का होता है या पीरियड्स कितने दिन रहता है। तो हम बता दें की नॉर्मली पीरियड 28 दिनों का होता है, लेकिन यह हर महिला में अलग-अलग हो सकता है। विशेषज्ञ डॉक्टर के अनुसार, पीरियड्स 21-40 दिनों तक का हो सकता है। यह नॉर्मल रेंज हैं।
पीरियड्स आने का संकेत क्या होता है?
पीरियड आने के मुख्य संकेत होते हैं जैसे की पहले शरीर के उन अवयव पर बाल आने लगते हैं,साथ ही टांगों और अंडरआर्म्स में भी बाल आते हैं और यौन अंगों में भी हेयर ग्रोथ शुरू हो जाती है। मतलब ब्रेस्ट बड्स निकलने के कुछ समय बाद ही यौन अंगों में बाल आने लगते हैं। यह पीरियड शुरू होने के संकेत हो सकते है।
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अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल
1. पीरियड में संबंध बनाने से क्या होता है
वैसे डॉक्टर और एक्सपर्ट की बात के अनुसार पीरियडस के दौरान संबंध बनाना बुरी बात नहीं है लेकिन इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. आमतौर महिलाओं के योनि का pH स्तर 3.8 से 4.5 होता है लेकिन पीरियड्स में pH स्तर बढ़ जाता है। इससे यीस्ट इंफेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है. पीरियड्स में संबंध बनाने से कुछ महिलाओं में ब्लड फ्लो बढ़ जाता है।
2. पीरियड आने की सही उम्र क्या है?
पीरियडस आने की सही उम्र मूल रूप सें 11 से 14 वर्ष हैं । इस दौरान हमारे दिमाग़ में स्थित pitutary gland आदेश देती हैं और पीरियड शुरू होते हैं।
3. 21 दिन में पीरियड आने का क्या कारण है?
वैसे तो पीरियड आने का सही टाइम 28 दिन में आता हैं। मगर किसी किसी को 21 दिन में पीरियडस आते हैं इसका सबसे पहला कारण होता हैं
हार्मोनल में परिवर्तन होना , विशेष रूप से प्यूबर्टी यानि की यौवन की शुरुआत दिनों में पेरिमेनोपॉज़ शुरू होता हैं इसके वजह से शरीर को पीरियड की आदत होने तक पीरियडस 21 में आ सकते हैं । इसके अलावा कई मेडिकल कंडीशन के कारण भी ऐसा होने की पूरी संभवना होती हैं।
4. क्या लड़कों को भी पीरियड्स होते हैं?
एक अख़बार के सूत्रनुसार हर चार में से एक पुरुष को पीरियडस आते हैं. साधारण रूप से पुरुषों के शरीर में वक्त वक्त पर टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर कम ज्यादा होता रहता है। जिसके वजह से पीरियड्स में दिखने वाले मुख्य लक्षण उनमे दिखाई देतें हैं। इसमें डिप्रेशन, थकान, चिंता, मूड स्विंग जैसे लक्षण का अनुभव पुरुष करते हैं। इसीको कुछ वैज्ञानिक पुरुषों का पीरियड्स कहा जाता कहते हैं।